जम्मू में पर्यटन स्थल

जम्मू में पर्यटन स्थल

जम्मू में पर्यटन स्थल

Tourist places in Jammu

जम्मू शहर (तवी नदी) के खूबसूरत किनारों पर बसा है यहाँ सैकड़ों मंदिर है इसलिए जम्मू को ‘मंदिरों की नगरी’ भी कहा जाता है जम्मू शहर समुद्रतल से 300 मीटर की ऊँचाई पर बसा है जम्मू में पर्यटन स्थल बहुत अधिक है|

जम्मू अपने अलग-अलग संस्कृति, भाषा, लोग, जाति, धर्म, वेश-भूषा के कारण प्रसिद्ध है यही कारण है यह नगरी अपनी विशेषताओं के कारण देश और विदेश के पर्यटकों का आकर्षण का केंद्र हमेशा बना रहता है|

जम्मू शहर का पुराना नाम ‘जम्बुलोचन’ के नाम पर पड़ा था जो बाद में छोटा करके जम्मू पड़ा|

यह शहर दो चीज के लिए मुख्य रूप से प्रसिद्ध है पहला वैष्णो देवी के दर्शन के लिए और दूसरा व्यापार के लिए यह व्यापारियों का प्रमुख केंद्र है जहाँ से लोग पुरे भारत में व्यापार करते है और पुरे भारत से जम्मू में पर्यटन स्थल को देखने आतें है|

वैष्णो देवी कैसे जायें

जम्मू से भारत के हर प्रमुख हवाईअड्डे के लिए यहाँ से उड़न सेवा उपलब्ध है

जम्मू पहुँचने के लिए देश के सभी प्रमुख स्थानों से इस स्थान को जोड़ा गया है भारत के हर प्रमुख शहर से जम्मू तक सीधे रेल मार्ग उपलब्ध है दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई यहाँ तक की कन्याकुमारी से सीधे जम्मू तक के लिए रेल सेवा उपलब्ध है

बस सेवा भी उपलब्ध है क्योंकि जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग से प्रमुख शहरों से सीधे तौर पर जुड़ा है|

Vaishnu Devi murti

वैष्णो देवी मंदिर के पास पर्यटन स्थल

जम्मू का यह स्थान वैष्णो देवी के दर्शन का प्रमुख स्थान है जहाँ पुरे भारत के साथ-साथ पुरे विश्व से हिन्दू श्रद्धालुओं का साल भर ताँता लगा रहता है खासकर चैत्र नवरात्री और कार्तिक नवरात्री में यहाँ विशेष भीड़ रहता है|

माता वैष्णो देवी के दर्शन को जाने का यात्रा कटरा से प्रारम्भ होती है और कटरा से माता का मंदिर की दुरी 14 किलोमीटर है यह मंदिर पहाड़ पर स्थित है वहाँ पहुँचने के लिए लोग पैदल ही यात्रा(चढ़ाई) करते हैं लेकिन जो असमर्थ है उनके लिए खच्चर, पिट्ठू, बग्घी, हेलिकॉप्टर या रोपवे सेवा भी उपलब्ध है|

जो माता का दर्शन करतें हैं वह भैरव का भी दर्शन जरुर करता है एक मान्यता के अनुसार जो भैरव का दर्शन करता है उसकी यात्रा और दर्शन सफल माना जाता है|

Raghunath mandir1

जम्मू मंदिरों का शहर

रघुनाथ मंदिर

भगवान श्रीराम को समर्पित रघुनाथ मंदिर का निर्माण सन 1835 में महाराजा गुलाब सिंह द्वारा कराया गया था जो अधुरा था आगे चलके उनके पुत्र महाराजा रणवीर सिंह ने सन 1860 में मंदिर का कार्य पूरा करवाया| मंदिर निर्माण में सोने की परतें का उपयोग किया गया है यह मंदिर कला का एक अदुतीय नमूना है|

Raghunath mandir2

जम्मू में पर्यटन स्थल

पीर खो

पीर खो जम्मू शहर से मात्र 3 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है इसका नाम पीर खो जरुर है लेकिन यह स्थान प्रसिद्ध है अपने प्राकृतिक शिवलिंग के कारण|

डोगरा आर्ट गैलरी

इस आर्ट गैलरी में जम्मू तथा बसोहली पहाड़ी के लोगों (खासकर डोगरा जाति) की कला-संस्कृति और भेष-भूषा से संबंधित चीजों को संग्रहित किया गया है|

अमर महल संग्रहालय

यह संग्रहालय तवी नदी के किनारे एक पहाड़ी पर बना हुआ है इसमें राजा कर्णसिंह के चित्र, परिधान, वस्त्र, कलात्मक चीज, अस्त्र-शस्त्र व् अन्य महत्वपूर्ण चीजों का संग्रह है|

कटरा में घूमने की जगह

मानसर झील

जम्मू से 65 किलोमीटर की दुरी पर स्थित मानसर झील एक बहुत ही खुबसूरत टूरिस्ट पैलेस है यहाँ अप्रैल में मेला लगता है बोट सुविधा है खुबसूरत बाग और मनोरंजन स्थल हैं|

सुरिनसर झील

यह जम्मू से 42 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है यह एक पिकनिक स्पॉट है टूरिस्ट प्लेस है समय बिताने का सबसे अच्छा स्थान है|

जम्मू में घूमने की जगह

कूद

कूद एक हिल स्टेशन है (घूमने का) और पर्यटकों का एक बेहतरीन स्थान है यहाँ साफ पानी का एक झरना सैलानियों को अपनी और आकर्षित करता है| 

पटनी टॉप

यह जम्मू से 110 किलोमीटर दूर स्थित पर्यटक स्थल है यहाँ सालभर बर्फ जमा रहता है सैलानियों का मुख्य आकर्षण का केंद्र है| भारत सरकार पर्यटक विभाग द्वारा ट्रैकिंग-ग्लैडिंग आदि सुविधा उपलब्ध है| 

सनासर घाटी

पटनी टॉप से मात्र 18 किलोमीटर दूर स्थित यह घाटी एक कटोरे के आकार की है यहाँ भी बारहों महीना बर्फ जमा रहता है भारत सरकार पर्यटक विभाग द्वारा ट्रैकिंग-ग्लैडिंग आदि की सुविधा उपलब्ध है|

बटोट

यह स्थान चिनाव नदी के किनारे पर स्थित है यह स्थान घने वन पहाड़ो से घिरा है यह स्थान नदी-वन-पहाड़ के लिए प्रसिद्ध है|

जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध मंदिर

शुद्धमहादेव

यह स्थान जम्मू से 120 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद है एक मान्यता के अनुसार इस स्थान पर भगवान शिव और पार्वती से जुडी बहुत से कथा और दंतकथा प्रचलित है यह महादेव का मंदिर जम्मू में पर्यटन स्थल के रूप में बहुत प्रसिद्ध है| यह के प्रसिद्ध जम्मू-कश्मीर के मंदिरों में से एक है|

रणविरेश्वर

यह एक प्राचीन मंदिर है इसका निर्माण सन 1883 में महाराजा रणवीर सिंह द्वारा कराया गया विष्णो देवी मंदिर के बाद यह दूसरा सबसे प्रसिद्ध मंदिर है इस मंदिर का ऊँचाई अधिक होने के कारण आसपास की सारी इमारतें छोटी लगती है मंदिर में भगवान शिव की शिवलिंग स्थापित है इसलिए यह मंदिर भोलेनाथ को समर्पित है|

जम्मू मंदिरों का शहर

रामनगर

यह स्थान जम्मू से 102 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है यह तहसील भारत की सबसे पुरानी तहसीलों में से एक है इसका बनावट किले नुमा है बड़े-बड़े दरवाजें, हॉल पहाड़ी क्षेत्र में होने के कारण यह और अभी खुबसूरत दिखता है| 

मानतलाई

यह स्थान जम्मू से 120 किलोमीटर की दूरी पर है और शुद्धमहादेव स्थान से मात्र 7 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है यहाँ बारहों महीना बर्फ जमा रहता है यहाँ ट्रैकिंग और बर्फ से जुड़ा खेल की उत्तम सेवा उपलब्ध है|

अखनूर

अखनूर वह स्थान है जहाँ महाराजा गुलाब सिंह का किला था और यहीं पर उनका राजतिलक हुआ था उनके किले के बगल से चिनाव नदी बहती है|  

झज्जर कोटली

यह स्थान अपनी खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध है यहाँ की पहाड़ियाँ, नदी, घने वन पहाड़ों पर से गिरता झरना पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करता है|

शिवखोड़ी

जम्मू से 65 किलोमीटर पर स्थित शिवखोड़ी स्थान पर एक शिवलिंग मौजूद है इसका प्रवेशद्वार बहुत ही तंग है लेकिन अन्दर आधा किलोमीटर जाने पर एक खुला मैदान है जहाँ सैकड़ो लोग एक साथ इकठ्ठा हो  सकते है|  

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